बारिश का मौसम सच मे कितना मनभावन मौसम है, पहली बारिश की बूंदे ऐसी लगती है मानो मेघ रूपी सीप धरा की श्रृंगार के लिए मोती रूपी बूंदों की बारिश कर रही हो, बारिश के आगमन से प्रकृति का नया रूप स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
बरसात में प्रकृति की सुंदरता अपनी चरम सीमा पर होती चहुँ ओर हरियाली ही हरियाली होती है,आकाश में चमकने वाली दामिनी की प्रतीति हिमालय पर्वत में पवन की प्रवाह से नृत्य करती हुई नीलगिरी और मेघ के तीव्र आवृति की गरज अत्यंत भयावह के साथ सुहावन दृश्य का माहौल बनाता है
कोयल की कुहू कुहू की मधुर ध्वनि से मंत्रमुग्ध हो कर मोर नृत्य करने लगती है,दादुर भी गर्मी की व्याकुलता से अब बारिश की शीतलता का आनंद ले रहा होता है ।
जैसे ही बारिश की बूंदे उस नव बीज पर पड़ी उसमे से अंकुर प्रस्फुटित होकर नवचार जीवन का प्रसार होने लगती है।मिट्टी की सौंधी सौंधी महक समस्त वातावरण को सुगंधमय बना रही है मानो धरती बारिश के स्वागत में इत्र का भेंट कर रही हो।
जब बारिश की बूंदे धरती पर गिरती हुई ऐसी प्रतीत होती है जैसे बूंदो के रुप में मोतियों की असंख्य लड़ियाँ निःसृत हो रही हो
नदी ताल अपने चरम आवेग से प्रवाहित होती हुई मार्ग की समस्त बाधाओं को पार करती हुई सागर मिलन को इस तरह बढ़ी है मानो कोई विरही विरह की तपन से व्याकुल असंख्य बेड़ियों को तोड़ बस पिया मिलन को भागी जा रही हो
बारिश के मौसम में आने वाला सावन मास पवित्र मास माना जाता है इस भक्तिमय मास मर शिव की मन्दिरो की घंटी और शंखनाद स्वतः ही लोगो को भक्तिमय रंग में सराबोर कर लेती है। धीमी-धीमी बारिश की फव्वारे इस प्रकार निःसृत हो रही हो मानो शिव जी अपने जटा खोल गंगा की पवित्र अमृत धारा के रूप में अपने भक्तों पर कृपा की बरसात कर रहा हो ।
बारिश के आगमन से किसान के मायूश मुख पर ख़ुशी ऐसी लगती है मानो देव राजेन्द्र साल भर की खुशियां एक साथ दे दी हो।
बारिश के पानी में छोटे छोटे बच्चों का छप छप चलना, कीचड़ में सराबोर होना और कागज की नाव चलाते देख अपने बचपन को फिर से जीने की ललक जाग उठती है। सच मे बारिश का मौसम बेहिसाब खुशियां और नये जीवन देने वाला होता है।
बरसात में प्रकृति की सुंदरता अपनी चरम सीमा पर होती चहुँ ओर हरियाली ही हरियाली होती है,आकाश में चमकने वाली दामिनी की प्रतीति हिमालय पर्वत में पवन की प्रवाह से नृत्य करती हुई नीलगिरी और मेघ के तीव्र आवृति की गरज अत्यंत भयावह के साथ सुहावन दृश्य का माहौल बनाता है
कोयल की कुहू कुहू की मधुर ध्वनि से मंत्रमुग्ध हो कर मोर नृत्य करने लगती है,दादुर भी गर्मी की व्याकुलता से अब बारिश की शीतलता का आनंद ले रहा होता है ।
जैसे ही बारिश की बूंदे उस नव बीज पर पड़ी उसमे से अंकुर प्रस्फुटित होकर नवचार जीवन का प्रसार होने लगती है।मिट्टी की सौंधी सौंधी महक समस्त वातावरण को सुगंधमय बना रही है मानो धरती बारिश के स्वागत में इत्र का भेंट कर रही हो।
जब बारिश की बूंदे धरती पर गिरती हुई ऐसी प्रतीत होती है जैसे बूंदो के रुप में मोतियों की असंख्य लड़ियाँ निःसृत हो रही हो
नदी ताल अपने चरम आवेग से प्रवाहित होती हुई मार्ग की समस्त बाधाओं को पार करती हुई सागर मिलन को इस तरह बढ़ी है मानो कोई विरही विरह की तपन से व्याकुल असंख्य बेड़ियों को तोड़ बस पिया मिलन को भागी जा रही हो
बारिश के मौसम में आने वाला सावन मास पवित्र मास माना जाता है इस भक्तिमय मास मर शिव की मन्दिरो की घंटी और शंखनाद स्वतः ही लोगो को भक्तिमय रंग में सराबोर कर लेती है। धीमी-धीमी बारिश की फव्वारे इस प्रकार निःसृत हो रही हो मानो शिव जी अपने जटा खोल गंगा की पवित्र अमृत धारा के रूप में अपने भक्तों पर कृपा की बरसात कर रहा हो ।
बारिश के आगमन से किसान के मायूश मुख पर ख़ुशी ऐसी लगती है मानो देव राजेन्द्र साल भर की खुशियां एक साथ दे दी हो।
बारिश के पानी में छोटे छोटे बच्चों का छप छप चलना, कीचड़ में सराबोर होना और कागज की नाव चलाते देख अपने बचपन को फिर से जीने की ललक जाग उठती है। सच मे बारिश का मौसम बेहिसाब खुशियां और नये जीवन देने वाला होता है।
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