बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
महतारी कस मया करोइया महानदी
अउ ददा कस दुलार करोइया हसदेवा
सुखावत हे
दाई ददा के मया ह अब तरसावत हे
बड़ रोना मोला आवत है
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
धरम करम के नाम म ए पारा ओ पारा बटवारा होवत हे
भई भई के ऊपर बैरी बान चलावत हे
पूरा गाँव खास ले अब आम होवत जावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
गांव के देवी देवता मन के,अब न मान हे
छापर ठाकुर अउ सिद्ध बाबा,अब नाव के ही भगवान ए
तइहा के बात ला बइहा लेगे सब बात सिरतोन होवत हे
अब तो बबा मन घलो स्मार्ट फोन चलावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
गांव के चिन्हारी गिरजा बंगला अउ हिरवा ओनहारी,नंदवात हे सब बारी- बारी
लीम पीपर घलो चुंदावत हे,सब बेजा कब्जा ल अपनावत हे,
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
कहा पाबे खेड़ा बिहि,अब हिरवा ह नंदवात हे
सब के दुख म कांदा भाजी ह घलो मउलावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
ज़िहा होवय नारी के सम्मान
उहा होवत हे मार गारी अउ अपमान
भोला भाला किसान अब दारू ल धरकावत हे
चउक चबूतरा म ओकरेच गोठ ल गोठियावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
गाँव के भविष्य अब बूड़त जावत हे
सियान ल देख के अब लइका ह घलो
दारू गुटका बीड़ी सिगरेट ल सुलगावत हे
गाव के छुर्रु कबड्डी अउ रेसटीप नंदवात हे
अब व्हाट्सएप्प अउ टीकटोक म समय बितावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
सब किसान कर्जा म बुड़त जावत हे
सोन कस भुइँया कौड़ी के भाव म बेचावत हे
किसान मन के हालत अउ बिगड़त जावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
अब परकृति घलो सतावत हे
कुआ बउली ह अंटावत हे
फसल ल छरपा रोग त कभू माहो ल खवावत हे
दु फसली धान बोवैया ल, अब धर धर रोवावत हे
बड़ रोना मोला आवत हे
पहली के मौहाडीह नंदावत हे
By Dinu suman patel