Monday, April 8, 2019

तुम्हारी याद हमे आई है

आज फिर क्यूँ उदासी छाई है
तुम्हारी याद हमें आयी है

याद तेरी पल-पल सताती है
जब-जब मैं, तेरे पास हूँ जाता 
तू हमसे दूर ही, नजर आती  है

ये तो है भरम मन का
दूर तुम हमसे नही
बस हम ही थम सा गये है

आज क्यूँ उदासी छाई है
तुम्हारी याद हमें आयी है

चाहत तो है तुम्हे पाने की,
पर डर भी सताती है तुम्हे खोने की
क्या करूँ कहा जाऊ कुछ समझ नही आता है
बिन तेरे जीवन,बेरंग सा नजर आता है

आज क्यूँ उदासी छाई है
तुम्हारी याद हमें आयी है

जब से वक्त है हमसे रूठा 
तब से बन गए हम जग में झूठा
हाल ए दिल हम किसे सुनाये
जब सब है हमसे रूठा-रूठा

आज क्यूँ उदासी छाई है
तुम्हारी याद हमें आयी है

आज कल खुद को अकेला पाता हूँ
साथ मे सब है पर सब को दूर पाता हूँ
बस तुम्हे पाना ही, है लक्ष्य मेरा
 कर लेना तुम भी इंतज़ार मेरा

आज क्यूँ उदासी छाई है
तुम्हारी याद हमें आयी है

मुश्किल है राह तुम्हे पाने की
है साहस भी,इस जग से लड़ जाने की
अब सिर्फ वक्त का है इंतज़ार 
जब जी भर के,करूँगा तेरा दीदार

आज क्यूँ उदासी छाई है
तुम्हारी याद हमें आयी है


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