इक उमर बीत चली इक नई साल के साथ
नई ख्वाब नई अहसास के साथ
बीता साल अब यादों में सिमट जायेगा
कुछ यादें दिलों में बस जायेगा
किसी के हुए सपने पूरे किसी के है अधूरे
किसी से हुआ प्यार तो किसी से तकरार
कुछ रिश्ते नए है जुड़े कुछ अपने है छूटे
कुछ बिन मांगे मिले कुछ ख्वाहिशे दिल में ही छूपे
कई अजनबियों से हुई पहचान
कोई जान के भी बने है अनजान
कुछ खुशियों के पल मुस्कान लाएगी
कुछ गम के पल आँख नम कर जाएगी
बीता साल अब वापस ना आएगा
सब यादें ख्वाब के पन्नो में सिमट जायेगा
वक्त है नए सपने बुनने का
जो अधूरा है उसे पूरा करने का
छोड़ के सब गीले शिकवे प्यार का हाथ बढ़ायें
नई संकल्प नई उत्साह के साथ नई शुरुवात करें
आओ मिलकर नए साल का आगाज करें
आओ मिलकर नए साल का आगाज करें
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